पटना। प्रशांत किशोर की कहानी बिहार में लगभग खत्म हो चुकी है। जन सुराज अबतक आधिकारिक तौर पर 116 उम्मीदवारों की दो सूची जारी कर पाई है। बाकी पार्टी के उम्मीदावर कौन हैं इसकी कोई सूचना नहीं है। जबकि प्रशांत किशोर 150 सीट जीतने के लिए ताल ठोंक रहे हैं। जिन 116 उम्मीदवारों की सूची जारी हुई है उनमें से 3 उम्मीदवारों ने NDA के समर्थन में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। ये जानकारी खुद पीके ने मीडिया को साझा की है। यानी अब आधिकारिक रूप से जारी 116 प्रत्याशियों की सूची में से 113 उम्मीदवार ही मैदान में रह गए हैं। जनसुराज के ब्रह्मपुर के प्रत्याशी सत्यप्रकाश तिवारी ने LJP के हुलास पांडे को अपना समर्थन दे दिया है। इसी तरह गोपालगंज के प्रत्याशी डॉ. शशि शेखर सिन्हा ने BJP के उम्मीदवार सुभाष सिंह को अपना समर्थन दिया है। दानापुर से जन सुराज के प्रत्याशी अखिलेश कुमार नामांकन की जगह अमित शाह के साथ फोटो में नजर आ रहे हैं। यही हाल उनके वाल्मीकिनगर के प्रत्याशी दीर्घ नारायण प्रसाद का है। वो JDU के संपर्क में बताए जा रहे हैं। दूसरे चरण के चुनाव के लिए नाम वापसी के लिए 23 अक्तूबर तक का समय है। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि आखिर फाइनल मुकाबले के लिए जनसुराज के कितने प्रत्याशी बचते हैं और कितने प्रत्याशी NDA के समर्थन में बैठ जाते हैं।
बिहार में चुनाव से पहले ही फ्यूज हो रहे हैं प्रशांत किशोर के जलते बल्ब
प्रशांत किशोर बिहार के चुनाव में बाहुबली बनकर मैदान में कूदे थे। उ्होंने बिहार के जमीनी मुद्दे भी लोगों को सामने रखे। लंबी पदयात्राएं की। लेकिन चुनाव करीब आते ही वो इसमें उलझ कर रह गए हैं। प्रशांत किशोर शायद ये भूल गए कि राजनीति टी 20 मैच नहीं है, जहां फटाफट रन बनाकर मैच जीत सकते हैं। दरअसल राजनीति में सुनील गावस्कर की तरह टिक कर खेलना पड़ता है। धीरे-धीरे और सतत गति से रन बनाने पड़ते हैं।
