पटना। चिराग पासवान मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं। लेकिन बिहार में कोई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नहीं लगा है। जो छिट-पुट इकाइयां हैं वो टेट्रा पैक इंडस्ट्री है। जिनमें अवैध शराब भरकर बेची जाती है। बिहार में शराब आपको ट्रॉपिकाना, रियल, ब्रांड एप्पल जूस, टेट्रो और फ्रूटी के टेट्रा पैक में होम डिलीवरी में मिलती है। ऐसी कई इकाइयां आपको पटना से लेकर बिहार के छोटे शहरों तक में मिल जाएगी। जिनमें अवैध और कई बार नकली और जहरीली शराब पैक कर बेची जाती है। जिनके सेवन से कब मौत हो जाए पता नहीं। पासवान होने के अलावा चिराग पासवान ने बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया है। बस ट्रंप की नकल में 5 फीसदी पासवान जाति को लुभाने के लिए एक नारा दिया है-बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट। अब केवल नारेबाजी से चिराग कितनी सीट जीत पाएंगे ये देखने की बात होगी। वैसे बिहार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान का काम निल बटे सन्नाटा ही है।
मोदी के हनुमान चिराग पासवान ने मंत्री होने के बावजूद बिहार के लिए कुछ नहीं किया
मोदीजी और अमित शाह ने चिराग पासवान पर ज्यादा भरोसा कर अपने सहयोगियों को नाराज कर लिया है। आज चिराग के खिलाफ जेडीयू, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी तलवार ताने खड़े हैं। क्योंकि उनकी सीटें काटकर एलजेपी (आर) के खाते में डाली गई है। जिसका भारी नुकसान बीजेपी को होने जा रहा है।
