– DelhiNews 24×7 ब्यूरो
अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आज सासमाजवादी पार्टी में शामिल होने के मौके पर स्वामी प्रसाद मौर्य का दर्द झलक आया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने दलितों और पिछड़ों के साथ विश्वासघात किया है, उनकी आंखों में धूल झोंका है। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की सत्ता धोखे से हासिल की है। चुनाव से पहले उन्होंने कहा था, केशव प्रसाद मौर्य या स्वामी प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। मौका आया तो अपनी बातों से पलट गए। उन्होंने योगी सरकार पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘सरकार बनाएं दलित और पिछड़े और मलाई खाएं अगड़े।’
मुख्यमंत्री योगी के 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी की लड़ाई पर हमला बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि लड़ाई दरअसल 85 बनाम 15 की है। उन्होंने कहा, ‘हम तो कहते हैं 85 तो हमारा है, 15 में भी बंटवारा है।’ उन्होंने बीजेपी के हिंदुओं के हमदर्द होने पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने बीजेपी से पूछा, ‘आप पिछड़ों, अनुसूचित जातियों-जनजातियों के आरक्षण पर डाका क्यों डालते हैं। अभी-अभी 69 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई, उनमें से 19 हजार ओबीसी और दलित सीटों पर सामान्य वर्ग के लोगों को नियुक्ति पत्र दे दिया।
स्वामी प्रसाद मौर्य और दूसरे नेताओं का समावादी पार्टी में स्वागत करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश के 80 फीसदी लोग समाजवादी पार्टी के साथ हैं और वो बदलाव चाहते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी के नेता इस बार रणनीति समझ नहीं पाए और हिट विकेट हो गए। पत्रकार भी हमारी रणनीति से अनजान रहे और बीजेपी को डैमेज कंट्रेल का मौका नहीं मिला।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को योगी कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया था। तब उन्होंने बीजेपी पर दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षा का आरोप लगाया था।