पटना। बिहार के अलग अलग शहरों में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की चुनावी सभाएं हुई। जेडीयू को उम्मीद थी कि इन सभाओं में मोदीजी और अमित शाह एनडीए के मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर नीतीश कुमार के नाम का एलान करेंगे। लेकिन मोदीजी और अमित शाह ने बार बार यही दोहराया कि हम नीतीश कुमार के चेहरे को आगे रखकर चुनाव लड़ रहे हैं। और अगला मुख्यमंत्री कौन होगा ये चुनाव के बाद तय किया जाएगा। मोदीजी ने समस्तीपुर और बेगूसराय में मंच से बार बार ये कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी तो विकास में रफ्तार आ जाएगी। इतना ही नहीं उन्होंने एक नारा भी दिया कि “रफ्तार से चलेगा बिहार, जब आएगी एनडीए सरकार”।

उधर महागठबंधन ने बतौर मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नाम का एलान कर चुनाव में अपनी बढ़त बना ली है। क्योंकि अबतक एनडीए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर महागठबंधन पर तंज कसती आ रही थी। अब बारी एनडीए की है, जिसे महागठबंधन का तंज सहना पड़ रहा है। तेजस्वी यादव ने अपनी एक सभा में कहा कि नीतीश चाचा अब कभी सीएम नहीं बनने जा रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें हाइजैक कर लिया है।
मोदीजी ने अपनी सभा में कहा था कि लालू यादव के जंगल राज ने बिहार में फैक्ट्रियों पर ताला लगा दिया। बिहार के भविष्य पर ताला लगा दिया। जिसे आने वाली एनडीए सरकार दुरुस्त करने का काम करेगी। तेजस्वी यादव ने मोदीजी के इस चुनावी भाषण पर जमकर तंज कसा है। तेजस्वी ने कहा कि 20 साल पहले के आरजेडी के शासन पर लांछन लगाने की जगह मोदीजी को ये बताना चाहिए कि केंद्र में बीते 11 साल से उनकी सरकार है और राज्य में मोटे तौर पर 20 साल से नीतीश कुमार की सरकार है, फिर भी आज बिहार की फैक्ट्रियां क्यों बंद पड़ी हैं? मोदीजी आजतक बंद पड़ी एक भी चीनी मिल को क्यों नहां चालू करवा पाए हैं? तेजस्वी ने भरोसा दिलाया कि अगर उनकी सरकार बनती है तो बिहार में वर्षों से बंद पड़ी फैक्ट्रियों को चालू कराया जाएगा। ताकि बिहार से पलायन को रोका जा सके।
