नई दिल्ली। नागपुर में आयोजित कांग्रेस के 139वें स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में आज दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। बीजेपी की विचारधारा दरअसल राजाओं वाली विचारधारा है। उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि बीजेपी के एक सांसद ने उन्हें बताया कि बीजेपी में कैसे गुलामी चलती है। बीजेपी में जो ऊपर से कहा जाता है, वो बिना सोचे समझे नीचे तक करना पड़ता है। वहीं कांग्रेस की विचारधारा कहती है कि देश की लगाम हिंदुस्तान की जनता के हाथ में होनी चाहिए। देश को जैसे पहले राजा चलाते थे, वैसे नहीं चलाया जाना चाहिए। कांग्रेस में सभी को बोलने की आजादी है। कांग्रेस देश की जनता को देश की शक्ति देना चाहती है।
राहुल गांधी ने कहा कि आजादी से पहले राजाओं और अंग्रेजों की पार्टनरशिप थी। उसके खिलाफ कांग्रेस ने गरीब जनता के लिए लड़ाई लड़ी थी। आजादी से पहले हिंदुस्तान की जनता, महिलाओं के कोई अधिकार नहीं थे। दलितों को छुआ नहीं जाता था, यह आरएसएस की विचारधारा है। लेकिन कांग्रेस ने संविधान बनाकर जनता को सारे अधिकार दिए। संविधान ने ही सभी को समान अधिकार दिए। आरएसएस और बीजेपी के लोग इसके खिलाफ थे। बीजेपी फिर से देश को आजादी से पहले के दौर में ले जाना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है।

बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज पिछले 40 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। हिंदुस्तान के करोड़ों युवाओं की शक्ति बेकार हो रही है। मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना लागू कर युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी। एक तरफ युवाओं और किसानों पर आक्रमण हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ दो-तीन अरबपतियों को देश का पूरा का पूरा धन दिया जा रहा है। भाजपा सरकार ने करोड़ों लोगों को फिर से गरीबी में धकेल दिया है। कांग्रेस ने जो काम मनरेगा की मदद से किया, वो सब भाजपा ने खत्म कर दिया। हिंदुस्तान के युवाओं को रोजगार देने का काम नरेंद्र मोदी और एनडीए की सरकार नहीं कर सकती। ये काम सिर्फ इंडिया गठबंधन कर सकता है।
जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार से लेकर देश की शीर्ष 100 से 200 कंपनियों में ओबीसी, दलित और आदिवासियों की उपस्थिति नगण्य है। केंद्र सरकार को चलाने वाले 90 अफसरों में सिर्फ तीन ओबीसी हैं। केंद्र में कांग्रेस के सरकार में आते ही जाति जनगणना कराई जाएगी।