विपक्षी नेताओं के फोन की जासूसी कराए जाने के मामले में आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल ने कहा कि कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के कई नेताओं को एप्पल से जासूसी के संदेश आए हैं। जिसमें लिखा है, “सरकार की ओर से आपके फोन को हैक करने की कोशिश की जा रही है।” जिन नेताओं को एप्पल की ओर से संदेश आए हैं उनमें केसी वेणुगोपाल, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा, सीताराम येचुरी, प्रियंका चतुर्वेदी, महुआ मोइत्रा, शशि थरूर, राघव चड्ढा, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी,अखिलेश यादव समेत कई नेता प्रमुख हैं।
इससे पहले भी पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं के फोन और ईमेल हैकिंग के आरोप मोदी सरकार पर लग चुके हैं। फिलहाल इसकी जांच का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आज राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर एकबार फिर जासूसी का आरोप लगाया। उन्होंने इसे अडाणी से जोड़ते हुए कहा कि “दरअसल राजा की जान तोते में है और उस तोते का नाम है अडाणी।”
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, ‘देश की सत्ता आज प्रधानमंत्री के हाथ में नहीं है। पीएम की आत्मा अडाणी जी में है। आज देश के पीएम नंबर दो पर हैं और अडानी नंबर वन पर।” इस मौके पर उन्होंने ये भी एलान किया कि हमारी सरकार बनी तो हम अडानी का पैसा देश के गरीबों में बांट देंगे।’ अडानी जी को हमने ऐसे घेरा है, तोते को हमने ऐसे पकड़ा है कि वह बचकर नहीं निकल सकता है। आज ध्यान भटकाने वाली राजनीति हो रही है ताकि विपक्ष की नजर पिंजरे में बैठे तोते पर ना टिकी रहे।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अडानी को हिंदुस्तान के पोर्ट्स पकड़ा दिए, देश के एयरपोर्ट्स पकड़ा दिए। मुंबई एयरपोर्ट चाहिए था तो सीबीआई, ईडी का प्रयोग किया और मुबंई एयरपोर्ट दिला दिया। गौतम अडानी के लिए कृषि कानून बनाए गए। आज खाद्यान्न भंडारण उनके हाथ में, आधारभूत संरचना उनके हाथ में, सीमेंट उनके हाथ में, पूरा का पूरा देश मोदीजी तीन से चार लोगों के हाथ में दे रहे हैं। उधर फोन जासूसी मामले में तृणमूल की सांसद महुआ मोइत्रा ने तीखे स्वर में कहा, ‘अडानी और पीएमओ के गुंडों, तुम्हारा डर देखकर मुझे तरस आता है।’
एप्पल की ओर से फोन और ईमेल की जासूसी की संभावना से सावधान किए जाने को लेकर मचे बवाल के बीच मोदी सरकार की ओर से सफाई पेश करने केंद्रीय सूचना एवं प्रोद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव सामने आए। उन्होंने कहा, ‘सरकार जासूसी को लेकर गंभीर है और इसकी पूरी जांच कराएगी। उन्होंने कहा कि ये मामला सामने आने के बाद इसकी जांच के आदेश पहले ही दे दिए गए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में एप्पल की ओर से भी सफाई सामने आ गई है। एप्पल ने इस तरह की एडवाइजरी 150 देशों में एप्पल इस्तेमाल करने वाले लोगों को भेजी है।’
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