दिल्ली में होने वाले एमसीडी के चुनाव में बच्चों ने भी जनसमस्याओं को जन प्रतिनिधियों के सामने रखने का बीड़ा उठाया है। इस सिलसिले में वो लोगों की परेशानियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं और उसे आगामी निगम चुनावों के मुद्दों में शामिल कराने को तत्पर नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के गौतमपुरी बदरपुर इलाके के बच्चों और महिलाओं ने वार्ड के निगम पार्षद तरवन कुमार से अपने एरिया से जुड़े सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी मांगें उनके सामने रखीं। ये बच्चे और महिलाएं मार्था फॉरेल फाउंडेशन के स्वाभिमान केंद्र से जुड़े हुए हैं, जहां वे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के मुद्दे पर लगातार काम कर रहे हैं।
हाल में ही इन बच्चों ने गौतमपुरी इलाके के फेस वन और फेस टू में समूह में जाकर पूरे एरिया का “फोटो वॉइस” मेथड के साथ रिसर्च किया और उस रिसर्च को सेफ्टी ऑडिट की तरह पेश किया। खींची गई तस्वीरों के द्वारा उन्होंने पूरे एरिया का मैप बनाया और उस मैप पर उन्होंने असुरक्षित और सुरक्षित स्थानों को चिन्हित किया और साथ ही असुरक्षा के कारणों और उनके उपायों को भी उस पर लिखा।
उनकी चर्चा के दौरान इलाके में स्ट्रीट लाइट की कमी, सीसीटीवी कैमरों की कमी, असुरक्षित सामुदायिक शौचालय, असुरक्षित पार्क, साफ-सफाई जैसे कुछ ऐसे मुद्दे सामने निकल कर सामने आए, जिनपर वार्ड के निगम पार्षद एक्शन ले सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए और एमसीडी चुनाव के मेनिफेस्टो बनने से पहले इन बच्चों ने इस पहल को अंजाम दिया।
वे वार्ड के निगम पार्षद से मिले और उनके सामने अपनी मांगों को रखा. निगम पार्षद तरवन कुमार बच्चों द्वारा किए गए सेफ्टी ऑडिट से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साथ काम करने के लिए अपनी हामी भरी। साथ ही उन्होंने सामुदायिक शौचालय की सफाई, पार्क की सफाई, स्ट्रीट लाइट लगाने की वादा भी किया। बच्चों और महिलाओं के साथ निगम पार्षद की मीटिंग काफी सफल रही। उन्होंने भरोसा जताया कि आगे चलकर इसपर काम करने की योजनाएं बच्चों के साथ मिलकर बनाई जाएंगी।