-DelhiNews 24×7 ब्यूरो।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी छोड़ने वाले कई मंत्रियों और विधायकों द्वारा योगी सरकार पर दलित विरोधी होने के आरोपों के बीच योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के मौके पर कुशीनगर में एक दलित के घर खिचड़ी भोजन में शामिल हुए। इस मौके पर योगी ने कहा कि वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले समाजिक न्याय के समर्थक नहीं हो सकते। उन्होंने ये भी कहा कि भ्रष्टाचार जिनके जीन्स का हिस्सा हो, वे सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकते।
उधर राष्ट्रीय लोकदल ने दलित के घर खिचड़ी खाने को एक दिखावा करार दिया और कहा कि यूपी चुनाव में ये ढोंग काम नहीं आएगा। आरएलडी ने ये भी आरोप लगाया कि योगी के आने से पहले दलितों को साबुन-शैंपू और सेंट बांटा गया। जो दलितों के लिए अपमानजनक है। दलित इस मानसिकता को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
राज्य में चुनाव से पहले बीजेपी में मची भगदड़ के कारण सीएम योगी के इस कार्यक्रम को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। हालांकि गोरक्षपीठ के अनुसार गोरक्षपीठाधीश्वर परंपरा के अनुसार पीठ की गद्दी पर बैठने वाले महंत को प्रत्येक मकर संक्रांति के अवसर पर दलित के घर खिचड़ी खानी होती है। लिहाजा इसमें कुछ नया नहीं है।