
छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बस्तर संभाग की 20 सीटों पर पहले दौर में होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस और बीजेपी ने वोटरों के लिए सरकारी खजाना खोल दिया है। प्रधानमंत्री मोदी की दुर्ग की जनसभा में छत्तीसगढ़ के लिए दी गई गारंटी से दो नहीं बल्कि चार कदम आगे बढ़कर भूपेश बघेल सरकार ने भरोसे का घोषणा-पत्र 2023-28 जारी किया है।

जिसमें बीजेपी के धान खरीदी के 3100 रुपए प्रति क्विंटल से आगे बढ़कर 3200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की घोषणा की गई है। कांग्रेस के “भरोसे का घोषणा-पत्र” पर पलटवार करने में बीजेपी भी पीछे नहीं है। बीजेपी अब यहां की जनता को कांग्रेस के 2018 के अधूरे वादे की याद दिला रही है। बीजेपी कांग्रेस से पूछ रही है कि “जब पुराने वादे हैं अब भी अधूरे तो कैसे करोगे नए वादे पूरे?” बीजेपी ने महादेव सहित 22 सट्टा ऐप और बेवसाइट पर बैन लगाकर भी भूपेश बघेल को घेरने की कोशिश की है। जिसके प्रमोटर्स से 508 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप बीजेपी ने ईडी के हवाले से बघेल सरकार पर लगाया था।
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में पहले दौर से ठीक पहले जो घोषणा-पत्र जारी किया है उसमें 20 वादे को नया रुप दिया गया है। कांग्रेस के नए वादों में इस बार किसानों का कर्जा माफ, धान का एमएसपी 3200 रुपए प्रति क्विंटल, 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी, गैस सिलेंडर पर 500 रुपए की सब्सिडी, 200 यूनिट बिजली फ्री, स्कूलों-कॉलेजों में मुफ्त शिक्षा, 17.5 लाख गरीब परिवारों को आवास, तेंदूपत्ते के लिए प्रति बोरा 6000 रुपए का भाव, साथ में सालाना 4000 रुपए बोनस देने का एलान किया गया है।


इसके अलावा कांग्रेस के घोषणा पत्र में स्व-सहायता समूह का कर्जा माफ, 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज, भूमिहीनों को 10000 रुपए सालाना, परिवहन व्यवसायियों का कर्जा माफ, सरकार द्वारा अंत्येष्टि के लिए लकड़ी का प्रबंध के साथ ही जातिगत जनगणना करवाने का वादा भी किया गया है। वहीं बीजेपी छत्तीसगढ़ के लोगों को अब कांग्रेस के 2018 के अधूरे वादे याद दिलाते हुए सवाल दाग रही है। बीजेपी पूछ रही है कि “वादा किया था 2016-17 और 2017-18 का धान खरीदी का बकाया बोनस देंगे, महतारी सम्मान योजना में हर मां को 500 रुपए महीना देंगे, प्रत्येक परिवार को सालाना 4 मुफ्त गैस सिलेंडर देंगे, वादा किया था पूर्ण शराबबंदी करेंगे, आखिर उन वादों का क्या हुआ?”
बीजेपी ने छत्तीसगढ़ के लोगों को नया नारा देकर कांग्रेस से सचेत रहने को कहा है। बीजेपी का कहना है, ‘लबरा अऊ कांग्रेस मारिस फेर लबारी, आवत हे संगी भाजपा ए दारी’। बीजेपी कांग्रेस पर पलटवार करते हुए सवाल पूछ रही है कि 10 लाख युवाओं को हर माह 2500 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने, छात्र-छात्राओं को मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने, प्रत्येक ग्रामीण भूमिहीन 5 सदस्यीय परिवार को घर और बाड़ी के लिए जमीन देने, 50 हजार रिक्त शिक्षकों के पद भरने और राज्य में आउटसोर्सिंग को पूर्णत: बंद करने के साथ ही शासकीय विभागों में 1 लाख रिक्त पदों को भरने के वादे का क्या हुआ?
हालांकि बीजेपी के संकल्प पत्र में भी छत्तीसगढ़ की जनता से 20 वादे किए गए हैं। जिन्हें छत्तीसगढ़ के लिए ‘मोदी की गारंटी’ नाम दिया गया है। इस संकल्प पत्र में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी का वादा किया गया है। भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार, 500 रुपए में गैस सिलेंडर, 5500

रुपए बोरा तेंदूपत्ता का मूल्य साथ में 4500 रुपए बोनस देने की बात कही गई है। बीजेपी के संकल्प पत्र में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास के साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत हर विवाहित महिला को 12000 रुपए सालाना देने की बात भी कही गई है।
दरअसल पहले दौर की 20 सीटों पर चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस के इस भरोसे के घोषणा पत्र से बीजेपी के पांव तले की जमीन खिसक गई है। बीजेपी को कांग्रेस के मुकाबले अब अपना संकल्प पत्र और मोदी की गारंटी कमजोर नजर आने लगी है। लिहाजा अब वो कांग्रेस पर हमलावर नजर आ रही है। वैसे भी बीते चुनाव में कांग्रेस ने दुर्ग और बस्तर संभाग में बीजेपी का सूपड़ा साफ कर दिया था। इसबार भी दुर्ग संभाग की 8 सीटों पर स्थिति कमोबेश वैसी ही है। लेकिन बस्तर की 12 सीटों में से दो-तीन सीटों पर मुकाबला कांटे का नजर आ रहा है। बहरहाल अब ये देखना दिलचस्प होगा कि 15-15 लाख का 9 वर्षों से इंतजार कर रही छत्तीसगढ़ की जनता को मोदीजी की इन 20 गारंटियों में कितना यकीन हो पाता है।
(रिसर्च इनपुट: रिज़वान रहमान)