Friday, April 4, 2025
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दिल्ली में यमुना की सफाई, कूड़े के पहाड़ और पर्यावरण बड़ा चुनावी मुद्दा

देश की राजधानी में 11 साल तक शासन करने के बाद भी अगर कोई सरकार पीने का साफ पानी, सीवर लाइन, साफ-सफाई और सड़कों के गड्ढे ना भर पाए, वोटरों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया ना करा पाए तो वहां की जनता में किस किस्म का आक्रोश होना चाहिए।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीते चुनावों में तीन बड़ी घोषणाएं की थी जिनमें दिल्ली के लोगों को साफ पीने का पानी मुहैया कराना, यमुना को साफ करना और दिल्ली की सड़कों को लंदन-पेरिस की तरह का बनाना शामिल था। लेकिन अपने 11 साल के शासन में केजरीवाल की दिल्ली सरकार इन मोर्चों पर पूरी तरह नाकाम ही साबित हुई है। स्थिति इतनी दयनीय है कि केजरीवाल को अपने इंटरव्यू में मानना पड़ रहा है कि वो इन कामों को अंजाम तक नहीं पहुंचा पाए। अब वो इन कामों को पूरा करने के लिए और 5 साल मांगते फिर रहे हैं।

दिल्ली में एमसीडी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर ये कहा है कि दिल्ली के गाजीपुर, भलस्वा और ओखला लैंडफिल साइट के कूड़े के पहाड़ों को 2028 तक नहीं हटाया जा सकता। जबकि केजरीवाल ने इसकी डेडलाइन 2025 घोषित की थी। इसी तरह केजरीवाल ने कहा था कि अगर 2025 से पहले मैं यमुना साफ नहीं कर पाया तो आप हमें वोट मत देना। लेकिन आज वो अपने वादों से पीछे हटते नजर आ रहे हैं। क्योंकि यमुना में प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि उसका पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से साफ कर पीने के पानी की स्पलाई करने योग्य भी नहीं रह गया है।

केजरीवाल की पूरी राजनीति मुफ्त की योजनाओं यानी बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा के सहारे चलती है। जिसके लाभार्थी मोटे तौर पर शहर की झुग्गियों में रहने वाले या फिर निम्न मध्यवर्ग के लोग हैं। वर्ना सोचिए, देश की राजधानी में 11 साल तक शासन करने के बाद भी अगर कोई सरकार पीने का साफ पानी, सीवर लाइन, साफ-सफाई और सड़कों के गड्ढे ना भर पाए, वोटरों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया ना करा पाए तो वहां की जनता में किस किस्म का आक्रोश होना चाहिए। जबकि केजरीवाल बार बार ये कहते नहीं थकते हैं कि दिल्ली में पैसों की कोई कमी नहीं है। अरे भाई, अगर पैसों की कोई कमी नहीं है तो फिर ये काम क्यों नहीं हुए? आज वोटर भी आम आदमी पार्टी से यही सवाल पूछ रहा है।

वैसे आपको याद दिला दें कि केजरीवाल दिल्ली से ही नहीं देश से भ्रष्चाटार खत्म करने की बात कह कर सत्ता पर काबिज हुए थे। जिसमें जन लोकपाल बनाना सबसे अहम था। मगर आज केजरीवाल जन लोकपाल की बात जुबान पर नहीं लाते हैं। और जहां तक भ्रष्टाचार का सवाल है तो उनके मंत्रियों और विधायकों की बात तो छोड़ दीजिए, शराब घोटाले में खुद भी 6 महीने जेल की हवा खाकर आए हैं। यही वजह है कि उनके राजनीतिक गुरु अन्ना हजारे आज कहते हैं कि देश में आज अगर कोई सबसे भ्रष्ट और बेईमान नेता है तो उसका नाम अरविंद केजरीवाल है।

संजय कुमार
संजय कुमार
संजय कुमार 1998 से अबतक टीवीआई, आजतक, इंडिया टीवी, राज्यसभा टीवी से जुड़े रहे हैं। बीते दो साल से स्वराज एक्सप्रेस न्यूज चैनल के कार्यकारी संपादक हैं।
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