रांची। झारखंड में राजनीतिक उथल-पुथल का फिलहाल पटाक्षेप हो गया है। राज्यपाल ने हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद आखिरकार विधायक दल के नए नेता चंपई सोरेन को झारखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिला दी। चंपई सोरेन के अलावा कांग्रेस के आलमगीर आलम और आरजेडी के सत्यानंद भोक्ता ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए दस दिनों का समय दिया है। आलमगीर आलम झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं। सत्यानंद भोक्ता राजद के इकलौते विधायक हैं। दोनों इसके पहले की हेमंत सोरेन सरकार में भी मंत्री थे। चंपई सोरेन झारखंड के 12वें सीएम हैं।

हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद करीब 30 घंटे तक चले हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे के बाद गुरुवार को देर रात चंपई सोरेन को राजभवन बुलाकर राज्यपाल ने उन्हें सीएम के रूप में नियुक्त करने की सूचना दी और मनोनयन पत्र सौंपा। हेमंत सोरेन ने ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद बुधवार की रात करीब साढ़े आठ बजे सीएम पद से इस्तीफा दिया था। इसके तुरंत बाद चंपई सोरेन ने 43 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल को सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने कहा था कि हमें कुल 47 विधायकों का समर्थन हासिल है।
उधर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। कोर्ट ने उन्हें 5 दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन मामले में हेमंत सोरेन की उस याचिका पर हस्तक्षेप करने से मना कर दिया था और उन्हें हाईकोर्ट जाने को कहा था, जिसमें सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय की गई उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी।