नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अंतरिम बजट से मध्य वर्ग को भारी मायूसी हाथ लगी है। बजट से कई तरह की राहत की उम्मीद लगाए बैठे मिडिल क्लास को बड़ा झटका लगा है। हमेशा से बजट में आयकर छूट में बढ़ोतरी की उम्मीद होती है, इसलिए इस बार भी उम्मीद थी, लेकिन इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर में कोई बदलाव नहीं करने का ऐलान किया गया है। सरकार ने इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं करते हुए, न्यू टैक्स रिजीम में 7 लाख रुपए की इनकम को टैक्स फ्री रखा है।
निर्मला सीतारमण के डायरेक्ट टैक्स में किसी तरह का बदलाव नहीं करने के बाद अब न्यू टैक्स रिजीम में 7 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री होगी। जबकि 50,000 रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा पहले की तरह मिलता रहेगा। वहीं ओल्ड टैक्स रिजीम में 2.5 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री रहेगी, लेकिन आम आदमी को 5 लाख रुपए तक की इनकम पर टैक्स रिबेट मिलेगी।

दरअसल लोकसभा चुनाव को देखते हुए लोगों को उम्मीद कई ज्यादा थी कि अंतरिम बजट यानी 2019 की तरह ही लोगों को आयकर में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन मायूसी हाथ लगी है। साल 2019 के अंतरिम बजट में आयकर पर स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करने का ऐलान किया गया था। पिछले साल के बजट में निर्मला सीतारमण ने संसोधित न्यू टैक्स स्लैब पेश किया था। इसके अलावा आयकरदाताओं के लिए वैकल्पिक तौर पर ओल्ड टैक स्लैब को बी जारी रखा गया था।
अंतरिम बजट पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “इस बजट में गरीबों, निम्न मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी नहीं कहा। इन्होंने किसानों, गरीबों, निम्न मध्यम वर्ग, शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया। इस बजट में कुछ भी नहीं है।”