
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों पर इस महीने दो चरणों में होनेवाले चुनावों में बैकफुट पर नजर आ रही बीजेपी पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने करारा हमला बोला है। बघेल ने मोदी सरकार पर केंद्रीय सुरक्षा बल लाने के नाम पर चार्टर प्लेन से राज्य में नोटों से भरे बक्से उतारने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग के अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा बलों के लोग विपक्षी दलों की तो जमकर तलाशी ले रहे हैं लेकिन बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेलगाम छोड़ दिया गया है। बघेल ने बीजेपी पर सत्ता के लिए किसी भी हद तक गिरने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से नकदी प्रकरण की जांच की मांग की है। हालांकि बीजेपी ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। बीजेपी का कहना है कि सत्ता से बेदखल हो रहे भूपेश बघेल का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।

उधर बघेल की मांग है कि चुनाव आयोग के अधिकारी छत्तीसगढ़ में चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किए जा रहे अर्धसैनिक बलों के विमान, सामान और वाहनों की जांच करें। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ का एक बड़ा विमान राज्य में क्या लेकर आया, उसकी जांच नहींं की गई? इन पैसों का इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने में किया जा सकता है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी भी छत्तीसगढ़ का दौरा करते हैं तो उनके वाहनों की जांच नहीं की जाती। जबकि देश के कई हिस्सों में ईडी के अधिकारी नोटों के बंडल के साथ रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए हैं।
राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 7 और 17 नवंबर को मतदान होगा। माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग के सात जिलों की राजनांदगांव समेत 20 सीटों पर पहले चरण में वोट डाले जाएंगे। जबकि बाकी के 70 सीटों पर दूसरे चरण में वोट पड़ेंगे। नक्सल प्रभावित इन क्षेत्रों में चुनाव के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जा रहा है। बघेल का कहना है कि माओवाद प्रभावित इन जिलों में पहले ही बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात हैं, ऐसे में चुनाव से पहले इनकी और तैनाती और इनके बड़े-बड़े बक्सों में भरे सामान संदेह पैदा करता है। इनकी जांच हर सूरत में चुनाव आयोग के अधिकारियों को करनी चाहिए, ताकि प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराया जा सके। और कोई भी दल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी का इस्तेमाल ना कर सके।