उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले दौर से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरएलडी के अध्यक्ष जयंत चौधरी ताबड़तोड़ प्रेस कांफ्रेंस कर अपने वोटरों को ये बताने में जुटे हैं कि चुनाव से पहले और चुनाव के बाद ये दोस्ती टूटने वाली नहीं है।
दरअसल बीजेपी ने दो दिन पहले दिल्ली में जाट नेताओं की बैठक के बाद जयंत चौधरी को बीजेपी में चुनाव से पहले या चुनाव के बाद आने का निमंत्रण देकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वोटरों में कन्फ्यूजन फैलाने की कोशिश की। बीजेपी की ओर से ये कोशिश अमित शाह ने की। बीजेपी की इस चाल के असर को भांपकर दोनों नेताओं ने मुजफ्फरनगर, फिर मेरठ और अब गाजियाबाद में साझा प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी को निशाने पे लिया।
साझा प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपनी पार्टी से टिकट मांगना पड़ा। ‘मैं यहां से चुनाव लड़ूंगा, वहां से चुनाव लड़ूंगा’, लेकिन बीजेपी ने बाबा को उनके घर गोरखपुर भेज दिया, ताकि वो फिर कभी लखनऊ वापस न आ सकें। इस मौके पर अखिलेश यादव ने ‘भाईचारा जिंदाबाद’ और ‘हमारी ताकत भाईचारा’ का नारा भी बुलंद किया।
अखिलेश यादव ने सरकार बनते ही 10 रुपए में समाजवादी थाली (Samajwadi Thali) लॉन्च करने का चुनावी वादा भी किया। ताकि ताकि लोगों को सस्ते में पौष्टिक आहार मिल सके। उन्होंने सरकार बनने पर 300 यूनिट मुफ्त में बिजली और समाजवादी पेंशन फिर से शुरू करने का वादा भी दोहराया। उन्होंने ये भी कहा कि समाजवादी पार्टी ने मेट्रो रेल के लिए जितना काम किया है उतना आजतक किसी सरकार ने नहीं किया।