नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज केरल के मुख्यमंत्री पिनयारी विजयन के धरने में इंडिया गठबंधन के कई घटक दलों के नेता शामिल हुए। ये धरना और विरोध प्रदर्शन एलडीएफ सरकार के प्रति केंद्र सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ आयोजित किया गया।
इस मौके पर केरल के मुख्यमंत्री पिनयारी विजयन ने कहा कि आज मोदी सरकार राज्यों के अधिकारों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। देश के संवैधानिक संघीय ढांचे पर केंद्र सरकार की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं। इस हमले के खिलाफ आज देश में विपक्ष की तमाम राज्य सरकारों को एकजुट होने की जरूरत है।

पिनयारी विजयन ने कहा कि हालत इतनी खराब है कि राज्यों को अपने हिस्से की धनराशि केंद्र सरकार से हासिल करने के लिए दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देना पड़ रहा है। केरल के बजट में सालाना 57000 करोड़ रुपए की कटौती की जा रही है। राज्यों के कर वसूलने के अधिकारों में भी कटौती हो रही है। स्वास्थ्य, मनरेगा और केंद्रीय योजनाओं के फंड में जान बूझकर देरी की जा रही है। राज्यों के कर्ज लेने के अधिकार में भी कटौती कर दी गई है। केंद्र सरकार की कोशिश सभी राज्य सरकारों को आर्थिक तौर पर पंगु बना देने की है।
इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश को ये भी दिन देखना था। केरल के मुख्यमंत्री राज्य का काम छोड़कर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकार है उनको तरह तरह से परेशान किया जा रहा है। केंद्र सरकार विपक्ष की सरकारों को उनके राज्यों के वाजिब हक नहीं दे रही है। उनके फंड को बहानेबाजी कर रोका जा रहा है।

दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘इंडिया‘ गठबंधन के जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, सीपीआई(एम) नेता सीताराम येचुरी, सीपीआई के नेता डी राजा, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल समेत इंडिया गठबंधन के कई दूसरे नेताओं ने भी संबोधित किया। हालांकि केरल में एलडीएफ की मुख्य विरोधी यूडीएफ के नेता इस मौके पर मंच पर नजर नहीं आए। प्रदर्शन के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का वक्तव्य मंच से पढा गया।